- महाकाल की भस्म आरती में केंद्रीय मंत्री और क्रिकेटर पहुंचे: धर्मेंद्र प्रधान-उमेश यादव ने किया जलाभिषेक, दोनों ने लिया भगवान का आशीर्वाद
- 21 दिन बाद पहुंचा कनाडा में मारे गए छात्र गुरकीरत का पार्थिव शरीर: CM मोहन यादव ने दी श्रद्धांजलि, सरकार ने उठाया 40-50 लाख का खर्च
- महाकाल पर आज से शीतल जलधारा शुरू, 29 जून तक निरंतर चलेगी शीतल धारा
- महाकाल मंदिर में भस्म आरती: पंचामृत अभिषेक के बाद रजत आभूषणों से सजे बाबा, गूंजे जयकारे
- हनुमान जन्मोत्सव आज, उज्जैन में हो रहे विशेष पूजन-अनुष्ठान: ज्योतिषाचार्यों के अनुसार आज की साधना अत्यंत फलदायी; 108 हनुमान मंदिरों में दर्शन से वर्षभर मिलती है कृपा
सिंहस्थ 2028: हर दिन की प्रगति पर रहेगी कड़ी नजर, ACS संजय शुक्ला ने दिए सख्त निर्देश!
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
उज्जैन में 2028 के महाकुंभ सिंहस्थ को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। समय कम है और कार्यों की गति बढ़ानी होगी—यही संदेश लेकर शनिवार को अपर मुख्य सचिव संजय शुक्ला सिंहस्थ की समीक्षा बैठक में पहुंचे। कलेक्टर कार्यालय के सभागृह में संभागायुक्त संजय गुप्ता और प्रभारी कलेक्टर जयंती सिंह सहित तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
बैठक में ACS शुक्ला ने साफ शब्दों में कहा—“अब एक-एक मिनट कीमती है। हर दिन की प्रगति रिपोर्ट तैयार होनी चाहिए। सिंहस्थ के निर्माण कार्यों में जरा भी ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी।” उन्होंने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों की समय सीमा मेंCompletion के लिए विशेष प्रयास किए जाएं और जिम्मेदारी तय की जाए।
भुगतान में देरी नहीं, हर निर्माण एजेंसी को मिलेगा समय पर पैसा!
सिंहस्थ में निर्माण कार्यों को गति देने के लिए नगर निगमायुक्त आशीष पाठक को एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई। शुक्ला ने आदेश दिया कि सभी निर्माण एजेंसियों को समय पर भुगतान मिले, इसके लिए एक सॉफ्टवेयर विकसित किया जाए। इसके लिए मप्र विद्युत मंडल की कार्य प्रणाली का अध्ययन कर त्वरित और प्रभावी भुगतान प्रणाली तैयार करने के निर्देश दिए गए।
गति ही प्राथमिकता—सिंहस्थ के लिए कोई भी कार्य रुके नहीं!
बैठक में अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई कि सिंहस्थ 2028 के मद्देनजर हर निर्माण कार्य समय पर पूरा हो। कार्यों में कोई भी बाधा आए तो तुरंत रिपोर्टिंग हो और उसका समाधान निकाला जाए। इसी के साथ अब सिंहस्थ के हर निर्माण कार्य पर प्रति दिन निगरानी रखी जाएगी। हर दिन प्रगति रिपोर्ट तैयार होगी, समयसीमा तय होगी, और जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी। सिंहस्थ 2028 को लेकर सरकार और प्रशासन किसी भी स्तर पर लापरवाही सहन नहीं करेगा।